हो अगर नाराज़ मुझसे ,तो
बैठे तो रहो मेरे दिल के पास,
बातें नही,मुलाकाते नही
रहा करो,कभी तो मेरे आँखों के पास !
जो है मुझको तेरे प्यार का झूठा गुमान
झूठा ही सही, जलने तो दो ये इक आस
हो कभी ऐसा यूँ भी की,
तुम भी तो आओ कभी मेरे होठो के पास !
ये किस नजरो से देखा है तुमने
कि तेरा देखना भी ,देखना न लगे आज
चाँद टुटा और बुझ गए सारे तारे
आयर भटक रहा हु तेरी रौशनी के पास

1 comment:
hiii nice posts
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